पश्चिमी दिल्ली, कंज्यूमर खबर। नरेला स्थित सत्यवादी राजा हरिश्चंद्र अस्पताल से मानवता को शर्मसार कर देने वाला मामला सामने आया है। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में परिजन बेहद परेशान हालत में यह कहते हुए नजर आ रहे हैं कि गर्भवती महिला को तेज लेबर पेन हो रहा है, इसके बावजूद अस्पताल प्रशासन उसे एडमिट करने से साफ इनकार कर रहा है। वीडियो में एक गर्भवती महिला अस्पताल परिसर में ही बैठकर रोती नजर आ रही है, जबकि उसके परिजन इलाज की गुहार लगाते रहे। परिजनों का आरोप है कि महिला की हालत लगातार बिगड़ रही थी, लेकिन अस्पताल स्टाफ ने संवेदनहीन रवैया अपनाते हुए भर्ती करने से मना कर दिया। जब परिजनों ने इस पूरे घटनाक्रम का वीडियो बनाना शुरू किया तो अस्पताल प्रशासन और उग्र हो गया। आरोप है कि वीडियो बनाने से रोका गया और परिजनों को हाथ पकड़कर अस्पताल से बाहर निकाल दिया गया। इतना ही नहीं, मामले को दबाने के लिए पुलिस भी मौके पर बुला ली गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, गर्भवती महिला को तत्काल इलाज की आवश्यकता थी, लेकिन इसके बावजूद अस्पताल कर्मियों ने जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ लिया। इस घटना के सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर लोगों का गुस्सा फूट पड़ा है और सरकारी अस्पतालों की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। फिलहाल अस्पताल प्रशासन की ओर से इस मामले में कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। स्थानीय लोगों और सामाजिक संगठनों ने पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराने और दोषी कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
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