दिल्ली

सीआईएसएफ वंदे मातरम् तटीय साइक्लोथॉन-2026 का शुभारंभ

केंद्रीय गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने नई दिल्ली स्थित मेजर ध्यानचंद स्टेडियम से केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ) वंदे मातरम् तटीय साइक्लोथॉन 2026 का वर्चुअल...

नई दिल्ली, कंज्यूमर खबर। केंद्रीय गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने नई दिल्ली स्थित मेजर ध्यानचंद स्टेडियम से केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ) वंदे मातरम् तटीय साइक्लोथॉन 2026 का वर्चुअल शुभारंभ किया। इस मौके पर नित्यानंद राय ने साइक्लोथॉन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस शुभारंभ के साथ ही 25 दिनों के इस विशाल राष्ट्रीय अभियान की औपचारिक शुरुआत हुई। शुभारंभ समारोह में युवा कार्य एवं खेल मंत्रालय के सचिव डॉ. पल्लवी जैन गोविल, आईटीबीपी के महानिदेशक शत्रुजीत कपूर, सीआईएसएफ के महानिदेशक प्रवीर रंजन, एनआईए के महानिदेशक राकेश अग्रवाल, प्रसार भारती के सीईओ गौरव द्विवेदी, एसएसबी के महानिदेशक संजय सिंघल सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी शामिल थे।
इन सभी गणमान्य अतिथियों ने इंडिया गेट के निकट आयोजित संक्षिप्त साइकिल रैली में भी भाग लिया और साइक्लोथॉन को प्रतीकात्मक समर्थन प्रदान किया। उनकी उपस्थिति ने मंत्रालयों एवं विभिन्न सुरक्षा एजेंसियों के बीच सशक्त सहयोग को दर्शाते हुए इस पहल के राष्ट्रीय महत्व, एकजुटता, सतर्कता और साझे संकल्प का स्पष्ट संदेश दिया।

सक्रिय भागीदारी से ही सुदृढ़ बनेगी तटीय सुरक्षाः राय
तटीय साइक्लोथॉन के दूसरे संस्करण के अवसर पर उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने कहा कि यह आयोजन ‘वंदे मातरम्’ के 150 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में किया जा रहा है। वंदे मातरम् वह अमर गीत है जिसने भारत के स्वतंत्रता संग्राम को प्रेरणा दी और आज भी पीढ़ियों को राष्ट्रसेवा की भावना से मार्गदर्शन प्रदान करता है। राय ने रेखांकित किया कि केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह के नेतृत्व में गृह मंत्रालय का तटीय सुरक्षा सुदृढ़ बनाने पर विशेष जोर है। उन्होंने कहा कि नागरिकों, विशेषकर तटीय समुदायों की सक्रिय भागीदारी से ही तटीय सुरक्षा सुदृढ़ बनाई जा सकती है।

सुरक्षा से जुड़े सभी स्टेकहोल्डर्स को जोड़ना साइक्लोथॉन का उद्देश्यः राय
राय ने कहा कि यह देश के लिए गर्व का विषय है कि सीआईएसएफ को इंटरनेशनल शिप एंड पोर्ट फैसिलिटी सिक्योरिटी कोड के अंतर्गत ‘मान्यता प्राप्त सुरक्षा संगठन (आरएसओ)’ का दर्जा प्राप्त हुआ है। इससे सीआईएसएफ भारत की समुद्री एवं पत्तन सुरक्षा व्यवस्था के केंद्र में स्थापित हुई है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यह पहल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘सागर-क्षेत्र में सभी के लिए सुरक्षा और विकास’ के विजन के अनुरूप है, जो ‘सुरक्षित तट, समृद्ध भारत’ की भावना पर आधारित है।

सीआईएसएफ की दो टीमें साइक्लोथॉन में ले रही हिस्सा
इस साइक्लोथॉन में सीआईएसएफ की दो साइकिल टीम हिस्सा ले रही है। एक टीम पश्चिम बंगाल के बखाली से पूर्वी तट की ओर से यात्रा शुरू करेगी, जबकि दूसरी टीम गुजरात के लखपत किले से पश्चिमी तट की ओर से अपनी यात्रा शुरू करेगी। दोनों टीमें करीब 6,500 किलोमीटर की दूरी तय करते हुए केरल के कोच्चि में मिलेंगी।

अभियान में कुल 148 जवानों में 65 महिलाएं शामिल
इस अभियान में कुल 148 सीआईएसएफ जवान हिस्सा ले रहे हैं, जिनमें 65 महिलाकर्मी भी शामिल है। ये साइक्लोथॉन न सिर्फ तटीय सुरक्षा को लेकर जागरूकता फैलाएगी, बल्कि राष्ट्रीय एकता, सामुदायिक भागीदारी, फिटनेस और अनुशासन का भी संदेश देगी। खासतौर पर युवाओं और तटीय इलाकों में रहने वाले लोगों को स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित किया जाएगा। सीआईएसएफ की ये पहल साफ तौर पर दिखाती है कि सुरक्षा के साथ-साथ समाज को जोड़ना और देशभक्ति की भावना को मजबूत करना भी बल की प्राथमिकताओं में शामिल है।

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