दिल्ली एनसीआर

साइबर ठगी के लिए बैंक खाते खोलकर देने वाला मैनेजर गिरफ्तार

दिल्ली पुलिस क्राइम ब्रांच ने साइबर ठगी के लिए बैंक खाते खुलवा कर देने वाले एक निजी बैंक के रिलेशनशिप मैनेजर को गिरफ्तार किया...

Consumer Khabar: दिल्ली पुलिस क्राइम ब्रांच ने साइबर ठगी के लिए बैंक खाते खुलवा कर देने वाले एक निजी बैंक के रिलेशनशिप मैनेजर को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपी की पहचान लोनी देहात, गाजियाबाद निवासी इरशाद मलिक (35) के रूप में की है। आरोपी ने बिना केवाईसी के आधार पर फर्जी दस्तावेज लेकर करंट अकाउंट खोल दिया। जिसके बाद इस बैंक खाते में करोड़ों रुपये की ट्रांजेक्शन हई। पुलिस इस मामले में पहले ही चार अन्य आरोपी हरजिंदर उर्फ हरजी, कुलविंदर सिंह, हरजी सिंह और हिमांशु कपूर को गिरफ्तार कर चुकी है। इन आरोपियों ने जॉब दिलाने के नाम पर युवाओं से लिए गए दस्तावेजों के आधार पर उनका इस्तेमाल बैंक खाता खुलवाने में किया। इस काम में इरशाद ने पैसे के बदले आरोपियों की पूरी मदद की और बिना केवाईसी के ही खाते का संचालन आरोपियों के हवाले कर दिया।
डीसीपी (क्राइम) हर्ष इंदौरा ने बताया कि गत 10 अक्तूबर 2023 को द्वारका साइबर थाने में साइबर ठगी की एक शिकायत दर्ज कराई गई थी। पीड़ित ने पुलिस को बताया कि उसके खाते से बिना ओटीपी आए 88 हजार रुपये दूसर खातों में ट्रांसफर हो गए। इस केस की जांच इंस्पेक्टर सतीश मलिक की टीम ने शुरू की। पड़ताल में पता चला कि ठगी की रकम आरबीएल बैंक में ट्रांसफर हुई है। ठगी की रकम लॉरी ट्रेड एक्जिम नामक कंपनी के खाते में ट्रांसफर हुई।
खाता किसी मनमोहन सिंह नामक शख्स के नाम पर रजिस्टर मिला। पुलिस ने जब मनमोहन से पूछताछ की तो पता चला कि उसने नौकरी के लिए अपने दस्तावेज हरजिंदर उर्फ हरजी को दिए थे। पुलिस ने चार आरोपी हरजिंदर उर्फ हरजी, कुलविंदर सिंह, हरजी सिंह और हिमांशु कपूर को गिरफ्तार लिया। इनसे पूछताछ हुई में पता चला कि आरबीएल बैंक मैनेजर इरशाद मलिक ने फर्जी कागजातों पर बैंक खाते खोलने में मदद की। जिसके बाद टीम ने आरबीएल बैंक, न्यू फ्रेंड्स कालोनी पहुंचकर आरोपी मैनेजर को दबोच लिया। पूछताछ आरोपी ने अपना अपराध कबूल किया है। आरोपी ने बताया कि वह बैंक की तीन शाखाओं में रिलेशनशिप मैनेजर था।

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