चिड़ियाघर पर गंभीर आरोप, सीबीआई जांच की उठाई मांग, जानिए क्या लगे हैं आरोप
वन्यजीव कार्यकर्ता अजय दुबे ने इन आरोपों को लेकर केंद्रीय पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव को ज्ञापन सौंपते हुए सीबीआई या सीवीसी से स्वतंत्र जांच की मांग...

नई दिल्ली, कंज्यूमर खबर। दिल्ली चिड़ियाघर एक बार फिर विवादों के घेरे में आ गया है। वन्यजीव संरक्षण के नाम पर बने इस संस्थान पर अब वन्यजीव कानूनों के खुले उल्लंघन, संदिग्ध जानवरों की मौत, सरकारी फंड की लूट और प्रशासनिक लापरवाही जैसे गंभीर आरोप लगे हैं। वन्यजीव कार्यकर्ता अजय दुबे ने इन आरोपों को लेकर केंद्रीय पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव को ज्ञापन सौंपते हुए सीबीआई या सीवीसी से स्वतंत्र जांच की मांग की है। उनका ज्ञापन में लिखा है कि मामला केवल चिड़ियाघर के कुप्रबंधन का नहीं, बल्कि कानून, जवाबदेही और वन्यजीव संरक्षण की मूल भावना के साथ खिलवाड़ का है।वन्यजीव कार्यकर्ता अजय दुबे ने आरोप लगाया है कि चिड़ियाघर में संदिग्ध परिस्थितियों में जानवरों की मौत, अवैध पेड़ कटाई और सरकारी फंड के दुरुपयोग की घटनाएं सामने आई हैं, जो वाइल्ड लाइफ (प्रोटेक्शन) एक्ट, पशुओं के प्रति क्रूरता रोकथाम अधिनियम और दिल्ली पेड़ों के संरक्षण अधिनियम का सीधा उल्लंघन हैं। उन्होंने नवंबर माह में भालू के बाड़े में घुसे एक सियार की मौत को प्रशासनिक लापरवाही का परिणाम बताते हुए आरोप लगाया कि आवश्यक पोस्टमार्टम कराए बिना ही उसके अवशेष नष्ट कर दिए गए। उन्होंने यह भी आरोप लगाया है कि चूहे के जहर के अवैध इस्तेमाल के कारण चौसिंगा हिरण सहित अन्य संरक्षित प्रजातियों की मौत हुई है। इसके अलावा गैंडे, काले हिरण और हाथी की मौतों को लेकर भी जवाबदेही तय करने की मांग की गई है। उन्होंने दावा किया कि चिड़ियाघर परिसर में 100 से अधिक बड़े पेड़ बिना अनुमति काटे गए, जिनके फोटो और वीडियो सबूत मौजूद हैं, बावजूद इसके अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। इसके अलावा दुबे ने प्रबंधन पर चिड़ियाघर में ब्लैक टिकटिंग रैकेट चलने का आरोप लगाया। साथ ही निर्माण कार्यों, खरीद प्रक्रियाओं और ठेकेदारों के माध्यम से फंड गबन में गड़बड़ियों की जांच की मांग की गई है। इसके अलावा उन्होंने दिहाड़ी मजदूरों से घरेलू काम और ड्राइविंग कराने तथा बिना प्रशिक्षण वाले कर्मचारियों से जानवरों को संभलवाने के आरोप लगाते हुए सुरक्षा मानकों की अनदेखी का मुद्दा भी उठाया है। दुबे ने मामले में जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ आपराधिक कार्रवाई की मांग की है। फिलहाल, चिड़ियाघर प्रशासन की ओर से इस पूरे मामले पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।




