नई दिल्ली: भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के राष्ट्रीय महासचिव और उत्तराखंड के प्रभारी दुष्यंत गौतम ने अंकिता भंडारी हत्याकांड मामले अपना नाम उछाले जाने को लेकर दिल्ली हाई कोर्ट में एक याचिका दायर की है। करीब 250 पन्नों की याचिका में गौतम ने अभिनेत्री उर्मिला सनवार, पूर्व भाजपा विधायक सुरेश राठौर, राष्ट्रीय कांग्रेस, उत्तराखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी, पीसीसी अध्यक्ष गणेश गोदियाल, आम आदमी पार्टी, कांग्रेस प्रवक्ता आलोक शर्मा, मोहित चौहान को प्रतिवादी बनाया है। गौतम ने कोर्ट से मामले में जल्द सुनवाई करने का आग्रह किया है।
याचिका में गौतम ने कहा है कि घटना से संबंधित समय के दौरान वह 10, 13, 14 और 15 सितंबर, 2022 को नई दिल्ली में थे। 16 सितंबर, 2022 को वह उत्तर प्रदेश में थे, जिसके बाद वह 17 और 18 सितंबर को नई दिल्ली लौट आए। याचिका में आगे कहा गया है कि गौतम 19 सितंबर, 2022 को ओडिशा में थे और 20 सितंबर, 2022 को नई दिल्ली वापस आ गए थे। गौतम ने सभी आरोपों से इनकार करते हुए उन्हें कांग्रेस और आप जैसे राजनीतिक प्रतिद्वंद्वियों द्वारा उनकी और बीजेपी की छवि खराब करने के लिए एक “सुनियोजित आपराधिक साजिश” बताया।
उन्होंने दावा किया कि आरोपी ने एक सुनियोजित आपराधिक साजिश के तहत झूठे और मनगढ़ंत ऑडियो और वीडियो क्लिप तैयार किए और उन्हें सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया। इन ऑडियो-वीडियो क्लिप के माध्यम से कथित तौर पर उनकी, भारतीय जनता पार्टी और पार्टी के वरिष्ठ नेताओं की छवि खराब करने का प्रयास किया गया। उन्होंने आगे आरोप लगाया है कि वायरल ऑडियो-वीडियो क्लिप को अंकिता भंडारी हत्याकांड से संबंधित बताया जा रहा है, जिसमें बीजेपी नेताओं को बदनाम करने और दुष्यंत कुमार गौतम को झूठा फंसाने के लिए उनका नाम लिया जा रहा है। यह भी आरोप है कि इन सामग्रियों में आपत्तिजनक और अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल किया गया है।




