Department of Consumer Affairs: उच्च क्षमता वाले वजन उपकरणों के सत्यापन के लिए कानूनी माप नियमों में संशोधन
उपभोक्ता कार्य विभाग (Department of Consumer Affairs) ने कारोबारी सुगमता (EODB) की एक महत्वपूर्ण पहल के तहत, उच्च क्षमता वाले वजन उपकरणों के सत्यापन के लिए मानक वजन की आवश्यकता को काफी कम करने के लिए कानूनी माप विज्ञान (Legal Metrology) (सामान्य) नियमावली, 2011 में संशोधन किया है, जिसमें वैज्ञानिक, पुनरावृत्ति-आधारित सत्यापन दृष्टिकोण को लागू किया गया है...
पूर्व प्रावधानों के अनुसार, एक टन या उससे अधिक की अधिकतम क्षमता वाले वजन यंत्रों (Weighing instruments) का सत्यापन करते समय, स्थिर भारों से प्रतिस्थापित करने से पहले कम से कम एक टन या यंत्र की अधिकतम क्षमता के 50 प्रतिशत, जो भी अधिक हो, के मानक भारों का उपयोग करना अनिवार्य था। इस आवश्यकता के कारण उद्योगों और वजन पुल संचालकों को अक्सर रसद संबंधी चुनौतियों, परिवहन लागतों और परिचालन संबंधी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था।
संशोधित प्रावधानों के तहत, आवश्यकता को युक्तिसंगत बनाया गया है। पुनरावृत्ति परीक्षण (Repetition test) के सफल संचालन के आधार पर, स्थिर भारों से प्रतिस्थापन से पहले आवश्यक मानक भारों की अनिवार्य मात्रा को अधिकतम क्षमता के 50 प्रतिशत से घटाकर केवल पांचवें हिस्से (20 प्रतिशत) तक सीमित कर दिया गया है, जबकि सत्यापन सटीकता और विश्वसनीयता के निर्धारित मानकों को बनाए रखा गया है।
सुधार के प्रमुख लाभ
- उद्योगों, गोदामों, लॉजिस्टिक संचालकों और वजन पुल मालिकों के लिए अनुपालन के बोझ में उल्लेखनीय कमी।
- मानक वजन की बड़ी मात्रा में वस्तुओं के परिवहन और हैंडलिंग से जुड़ी लागत कम होती है।
- उच्च क्षमता वाले वजन मापने वाले उपकरणों का तेजी से सत्यापन, जिससे परिचालन में लगने वाला समय कम हो जाता है।
- सटीकता या उपभोक्ता संरक्षण से समझौता किए बिना कानूनी माप-विज्ञान सत्यापन गतिविधियों की दक्षता में सुधार।
- सरलीकृत, विज्ञान-आधारित नियामक आवश्यकताओं के माध्यम से व्यापार करने में आसानी को बढ़ावा देना।
- सरकारी अधिकारियों द्वारा सत्यापन संसाधनों का बेहतर उपयोग।
संशोधन का वैज्ञानिक आधार
यह सुधार अंतरराष्ट्रीय स्तर पर स्वीकृत माप संबंधी सिद्धांतों पर आधारित है, जिसमें दोहराव परीक्षण वजन उपकरण की स्थिरता और स्थायित्व को स्थापित करता है, जिससे मानक वजन की कम मात्रा के साथ विश्वसनीय सत्यापन संभव हो पाता है।
साक्ष्य-आधारित सुधारों के माध्यम से कानूनी मापन प्रणाली का सुदृढ़ीकरण
यह संशोधन साक्ष्य-आधारित नियामक सुधारों के माध्यम से कानूनी मापन ढांचे के आधुनिकीकरण के लिए विभाग की निरंतर प्रतिबद्धता को दर्शाता है, जो कारोबारी सुगमता और मजबूत उपभोक्ता संरक्षण के बीच संतुलन बनाए रखता है।
विभाग अनुपालन को सरल बनाने, विनियामक बोझ को कम करने, सत्यापन प्रणाली को मजबूत करने और कानूनी मापन में प्रौद्योगिकी के उपयोग को बढ़ावा देने के लिए कई सुधार कर रहा है। यह नवीनतम संशोधन अधिक कुशल, पारदर्शी और उद्योग-अनुकूल विनियामक वातावरण बनाने की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम है, साथ ही वाणिज्यिक लेन-देन में सटीकता, निष्पक्षता और विश्वास सुनिश्चित करता है।
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(फोटो साभार-सोशल मीडिया)



