घने कोहरे ने रोकी रेल की रफ्तार, दिल्ली आने वाली दर्जनों ट्रेनें लेट
घने कोहरे ने एक बार फिर राजधानी दिल्ली-एनसीआर सहित पूरे उत्तर भारत की रफ्तार थाम दी है। सोमवार सुबह से छाए घने कोहरे के कारण दृश्यता बेहद कम...

नई दिल्ली, कंज्यूमर खबर। घने कोहरे ने एक बार फिर राजधानी दिल्ली-एनसीआर सहित पूरे उत्तर भारत की रफ्तार थाम दी है। सोमवार सुबह से छाए घने कोहरे के कारण दृश्यता बेहद कम रही, जिसका सीधा असर सड़क, रेल और हवाई यातायात पर पड़ा। खास तौर पर रेल परिचालन बुरी तरह प्रभावित हुआ और देश के विभिन्न हिस्सों से दिल्ली आने वाली कई ट्रेनें अपने निर्धारित समय से एक से चार घंटे तक देरी से चलीं। इससे हजारों यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।
नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर आने वाली ट्रेनों की स्थिति देखें तो कई प्रमुख एक्सप्रेस और सुपरफास्ट ट्रेनें लेट रहीं। गीता जयंती एक्सप्रेस और कर्नाटक सुपरफास्ट एक्सप्रेस एक घंटे से अधिक देरी से पहुंचीं। बनारस-नई दिल्ली सुपरफास्ट एक्सप्रेस करीब सवा घंटे, सिरसा एक्सप्रेस दो घंटे से ज्यादा और रांची-नई दिल्ली राजधानी एक्सप्रेस भी लगभग दो घंटे की देरी से चली। वंदे भारत एक्सप्रेस जैसी प्रीमियम ट्रेन भी कोहरे के असर से अछूती नहीं रही और एक घंटे से अधिक लेट पहुंची।
घने कोहरे के कारण हजरत निजामुद्दीन रेलवे स्टेशन पर भी यात्रियों की भारी भीड़ देखने को मिली। यहां मंगल लक्ष्यदीप सुपरफास्ट एक्सप्रेस लगभग दो घंटे की देरी से पहुंची। वहीं आनंद विहार टर्मिनल पर स्थिति और भी चुनौतीपूर्ण रही। सत्याग्रह एक्सप्रेस, गरीब रथ एक्सप्रेस, अरुणाचल एसी सुपरफास्ट और झारखंड स्वर्ण जयंती एक्सप्रेस एक से ढाई घंटे तक लेट रहीं। जनसाधारण एक्सप्रेस सबसे अधिक प्रभावित रही, जो लगभग चार घंटे की देरी से आनंद विहार स्टेशन पर पहुंची।
पुरानी दिल्ली रेलवे स्टेशन पर भी कई ट्रेनों की लेट रनिंग दर्ज की गई। गया-दिल्ली अमृत भारत एक्सप्रेस, किसान एक्सप्रेस, हरिद्वार-दिल्ली एक्सप्रेस और अमृतसर–दिल्ली इंटरसिटी एक्सप्रेस एक से दो घंटे तक देरी से पहुंचीं, जिससे प्लेटफॉर्म पर यात्रियों को लंबा इंतजार करना पड़ा। इस बीच उत्तर रेलवे ने यात्रियों से संयम बरतने की अपील की है। उत्तर रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी हिमांशु शेखर उपाध्याय ने बताया कि घने कोहरे के दौरान दृश्यता बेहद कम हो जाती है, जिससे सिग्नल स्पष्ट दिखाई नहीं देते। सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए लोको पायलट को ट्रेनों की गति कम रखनी पड़ती है, इसी कारण ट्रेनों के संचालन में देरी होती है। उन्होंने यात्रियों से आग्रह किया कि वे घर से निकलने से पहले रेलवे की आधिकारिक वेबसाइट या हेल्पलाइन के जरिए ट्रेन की स्थिति की जानकारी अवश्य लें, ताकि अनावश्यक असुविधा से बचा जा सके।




