हीटवेव पर दिल्ली हाई अलर्ट, राहत इंतजाम बढ़ाने के निर्देश
राजधानी में एक बार फिर भीषण गर्मी और हीटवेव के प्रकोप के बीच दिल्ली के उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू और मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने दिल्ली आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (डीडीएमए) की बैठक में हीटवेव एक्शन प्लान-2026 के क्रियान्वयन...

Consumer Khabar: राजधानी में एक बार फिर भीषण गर्मी और हीटवेव के प्रकोप के बीच दिल्ली के उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू (LG Taranjeet Singh Sandhu) और मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता (CM Rekha Gupta) ने दिल्ली आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (DDMA) की बैठक में हीटवेव एक्शन प्लान-2026 के क्रियान्वयन और आगे की रणनीति की समीक्षा की। बैठक में मंत्रियों आशीष सूद और प्रवेश वर्मा सहित मुख्य सचिव, पुलिस आयुक्त, एमसीडी आयुक्त, एनडीएमसी अध्यक्ष, डीडीए उपाध्यक्ष और संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
PM Modi के आह्वान पर चलाया गया अभियान
बैठक में बताया गया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) द्वारा पिछले वर्ष शहरी क्षेत्रों में बढ़ती गर्मी की चुनौती से निपटने के आह्वान के बाद पहली बार दिल्ली में 13 जिलों में समन्वित और व्यापक हीट-रिलीफ अभियान चलाया गया है। उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू और मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने अब तक किए गए राहत कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि दिल्ली जैसी विशाल आबादी वाले शहर में प्रति जिले केवल एक मोबाइल राहत वैन पर्याप्त नहीं है। उन्होंने राहत उपायों का दायरा और क्षमता बढ़ाने के निर्देश दिए।
कूलिंग सेंटर स्थापित करने के निर्देश
उपराज्यपाल ने अधिकारियों को रेहड़ी-पटरी विक्रेताओं, दिहाड़ी मजदूरों, बेघर लोगों तथा अधिक भीड़भाड़ वाले बाजारों में अतिरिक्त मोबाइल राहत वैन और कूलिंग सेंटर स्थापित करने के निर्देश दिए। उन्होंने प्रधानमंत्री की उस सोच का भी उल्लेख किया जिसमें अर्बन हीट आइलैंड प्रभाव को कम करने और दीर्घकालिक शहरी शीतलन (अर्बन कूलिंग) समाधान विकसित करने पर जोर दिया गया है।
कर्मचारियों को विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कूलिंग सेंटरों में कर्मचारियों की शिफ्ट बदलने के दौरान विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए ताकि राहत सेवाएं बिना किसी बाधा के जारी रहें। उन्होंने यह भी सुनिश्चित करने को कहा कि पानी के घड़े, कूलर और अन्य जल भंडारण पात्र कभी खाली न रहें। बैठक में बताया गया कि मोबाइल हीट रिलीफ यूनिट्स के माध्यम से अब तक 4.73 लाख से अधिक लोगों को राहत पहुंचाई गई है। इस दौरान 1.86 लाख लीटर से ज्यादा पानी वितरित किया गया, जबकि 2.44 लाख ओआरएस पैकेट, 67,593 गमछे और करीब 50 हजार सुरक्षात्मक कैप लोगों को उपलब्ध कराई गईं।
कूलिंग जोनों में 62900 लोगों को दी गई राहत
प्रमुख स्थायी कूलिंग जोनों में जीटीबी अस्पताल गेट नंबर-3 पर 62,900 लोगों को राहत दी गई, जबकि जामा मस्जिद मेट्रो स्टेशन के निकट 35,470 लोगों तक सहायता पहुंचाई गई। इसके अलावा शालीमार चौक और कालकाजी-लोटस टेंपल क्षेत्र में भी हजारों लोगों को पानी और राहत सामग्री उपलब्ध कराई गई। सार्वजनिक परिवहन प्रणाली में भी विशेष इंतजाम किए गए हैं। प्रतिदिन 500 बस स्टॉप पर सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक मुफ्त पेयजल शिविर लगाए जा रहे हैं। प्रमुख अंतरराज्यीय बस अड्डों (आईएसबीटी) पर वाटर कूलर संचालित किए जा रहे हैं तथा 10 हजार ओआरएस पैकेट उपलब्ध रखे गए हैं।
940 पानी के टैंकर तैनात
दिल्ली जल बोर्ड ने पानी की कमी वाले इलाकों में आपूर्ति बढ़ाने के लिए 940 टैंकर तैनात किए हैं, जो प्रतिदिन 6,359 चक्कर लगाकर जलापूर्ति कर रहे हैं। वहीं सभी प्रमुख अस्पतालों को हाई अलर्ट पर रखते हुए 10-10 बिस्तरों वाले विशेष हीटवेव वार्ड बनाए गए हैं, जहां मरीजों के लिए कूलिंग की व्यवस्था की गई है और प्रतीक्षा समय 15 मिनट तक सीमित रखने का लक्ष्य रखा गया है। बैठक में श्रमिकों की सुरक्षा पर भी विशेष जोर दिया गया। श्रम विभाग ने सभी 13 जिलों में निर्माण स्थलों पर सुरक्षा संबंधी दिशा-निर्देश लागू किए हैं और वरिष्ठ अधिकारी स्वयं मौके पर जाकर ठेकेदारों व नियोक्ताओं को नियमों की जानकारी दे रहे हैं। इसके अलावा डीडीए के 15 खेल परिसरों में वाटर कूलर और आरओ सिस्टम लगाए गए हैं तथा सार्वजनिक पार्कों में वाटर एटीएम स्थापित करने की योजना पर भी काम चल रहा है।




