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‘बाल संविधान हर घर तक पहुंचे’, ओम बिरला का राष्ट्रव्यापी आह्वान

भारत रत्न डॉ. भीमराव अंबेडकर की जयंती के अवसर पर नई दिल्ली के मावलंकर हॉल में 'बाल संविधान' एवं 'एलीना और महान संविधान' पुस्तक श्रृंखला के लोकार्पण समारोह का भव्य आयोजन किया...

Consumer Khabar: भारत रत्न डॉ. भीमराव अंबेडकर की जयंती के अवसर पर नई दिल्ली के मावलंकर हॉल में ‘बाल संविधान’ एवं ‘एलीना और महान संविधान’ पुस्तक श्रृंखला के लोकार्पण समारोह का भव्य आयोजन किया गया। इस अवसर पर लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने अध्यक्षीय संबोधन देते हुए देश की नई पीढ़ी को संविधान से जोड़ने का सशक्त आह्वान किया।

ओम बिरला ने कहा कि बाल संविधान हर घर तक पहुंचना चाहिए, ताकि बचपन से ही बच्चों में संविधान के प्रति समझ और सम्मान विकसित हो। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि यदि देश की युवा पीढ़ी को संविधान के मूल्यों से जोड़ा जाए तो वह न केवल जागरूक नागरिक बनेगी, बल्कि एक सशक्त, संस्कारित और जिम्मेदार समाज के निर्माण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

लोकसभा अध्यक्ष ने अपने संबोधन में महिला अधिकारों और नारी सशक्तिकरण पर भी विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि भारतीय संविधान ने महिलाओं को समान अधिकार, सम्मान और अवसर प्रदान किए हैं, और आज आवश्यकता है कि इन अधिकारों के प्रति जागरूकता और भी अधिक बढ़ाई जाए। नारी वंदन की भावना को रेखांकित करते हुए उन्होंने कहा कि महिलाओं की भागीदारी के बिना राष्ट्र का समग्र विकास संभव नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि संसद और लोकतांत्रिक संस्थाओं में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी देश के उज्ज्वल भविष्य का संकेत है और इसे और मजबूत किया जाना चाहिए।

लोकसभा अध्यक्ष ने डॉ. अंबेडकर को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि हम उनकी 133वीं जयंती पर उन्हें नमन करते हैं। उन्होंने कहा कि बाबा साहेब का जीवन हर पीढ़ी के लिए प्रेरणा और मार्गदर्शन का स्रोत है। उनके संघर्ष, विचार और आंदोलन ने देश को नई दिशा दी और सामाजिक न्याय, समानता तथा अधिकारों की मजबूत नींव रखी। बिरला ने कहा कि अंबेडकर साहेब के विचार आज भी उतने ही प्रासंगिक हैं और आने वाली पीढ़ियों को उनसे प्रेरणा लेनी चाहिए।

कार्यक्रम में मध्य प्रदेश सरकार के नगरीय विकास, आवास एवं संसदीय कार्य मंत्री तथा वरिष्ठ भाजपा नेता कैलाश विजयवर्गीय ने अपने संबोधन में राष्ट्र प्रथम की अवधारणा पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी की नीतियां हमेशा देशहित को सर्वोपरि रखकर बनाई जाती हैं। जहां विपक्ष सत्ता और कुर्सी की चिंता में रहता है, वहीं भाजपा देश के विकास और संविधान के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को प्राथमिकता देती है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व की सराहना करते हुए कहा कि उनके लिए संविधान सर्वोपरि है और सरकार उसी भावना के अनुरूप कार्य कर रही है।

इस अवसर पर बाल संविधान और एलीना और महान संविधान पुस्तक श्रृंखला की परिकल्पना करने वाले इंदौर इंस्टीट्यूट ऑफ लॉ, इंदौर के संस्थापक एवं अध्यक्ष डॉ. अक्षय कांती बम की पहल को विशेष सराहना मिली। डॉ. बंब ने कहा कि इस पुस्तक श्रृंखला का उद्देश्य बच्चों को सरल, सहज और रोचक तरीके से संविधान की जानकारी देना है, ताकि वे अपने अधिकारों और कर्तव्यों दोनों के प्रति जागरूक बन सकें।

कार्यक्रम में समाजसेवी कांतिलाल बम भी उपस्थित रहे और उन्होंने इस पहल को अत्यंत महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में बच्चों को सही दिशा और मूल्यों से जोड़ना अत्यावश्यक है, और यह पुस्तक श्रृंखला उस दिशा में एक सार्थक प्रयास है।
समारोह में विभिन्न क्षेत्रों के गणमान्य व्यक्तियों, शिक्षाविदों, विधि विशेषज्ञों और बड़ी संख्या में छात्रों की भागीदारी रही। पूरे आयोजन में संविधान के प्रति जागरूकता बढ़ाने और नई पीढ़ी को इसके मूल्यों से जोड़ने का स्पष्ट संदेश दिया गया।

कार्यक्रम के अंत में यह संकल्प दोहराया गया कि यदि देश को मजबूत और लोकतांत्रिक मूल्यों पर आधारित बनाना है, तो बच्चों और युवाओं को संविधान की गहरी समझ देना आवश्यक है। बाल संविधान जैसी पहलें न केवल ज्ञान का विस्तार करेंगी, बल्कि एक जिम्मेदार और सजग नागरिक समाज के निर्माण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी।

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