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जेएनयू में अब प्रोफेसरों के बच्चों को भी मिलेगा दाखिले में आरक्षण

जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) ने एक महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए अब शिक्षकों के बच्चों के लिए भी एडमिशन के रास्ते आसान कर दिए...

Consumer Khabar: जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) ने एक महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए अब शिक्षकों के बच्चों के लिए भी एडमिशन के रास्ते आसान कर दिए हैं। विश्वविद्यालय ने तय किया है कि शिक्षकों के बच्चों को प्रवेश में विशेष सुविधा देते हुए उनके लिए 5 फीसदी सीटें आरक्षित की जाएंगी। गौरतलब है कि यह कोटा व्यवस्था अब तक केवल नॉन-टीचिंग स्टाफ के बच्चों के लिए ही उपलब्ध थी।
इस प्रस्ताव को जेएनयू की कार्यकारी परिषद (ईसी) ने 15 अप्रैल को हुई अपनी बैठक में अंतिम मंजूरी दे दी है। इससे पहले मार्च में ही एकेडमिक काउंसिल (एसी ) ने भी इस पर अपनी सहमति की मुहर लगा दी थी। अब नए नियमों के अनुसार, शिक्षकों के बच्चों को भी ठीक उसी तर्ज पर आरक्षण का लाभ मिलेगा, जैसा नॉन-टीचिंग स्टाफ के परिवारों को मिलता आ रहा है।

5 फीसदी कोटा इसी एकेडमिक सेशन से होगा प्रभावी…

विश्वविद्यालय प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यह 5 फीसदी कोटा इसी मौजूदा एकेडमिक सेशन से प्रभावी हो जाएगा। इसका अर्थ यह है कि जिन छात्रों ने इस साल की प्रवेश परीक्षाओं में भाग लिया है, वे इस नई आरक्षण नीति का लाभ उठा सकेंगे। लंबे समय से इस सुविधा की मांग कर रहे शिक्षक परिवारों के लिए यह एक बड़ी राहत की खबर है।बता दें कि आरक्षण मिलने का मतलब यह कतई नहीं है कि बिना परीक्षा के दाखिला मिल जाएगा। जेएनयू में यूजी और पीजी पाठ्यक्रमों के लिए सीयूईटी और पीएचडी के लिए यूजीसी-नीट/जेआरएफ के स्कोर ही आधार रहेंगे। स्टाफ कोटे के तहत आवेदन करने वाले अभ्यर्थियों को भी न्यूनतम योग्यता पूरी करनी होगी और संबंधित नेशनल लेवल की परीक्षा पास करना अनिवार्य होगा।

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