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National Capital Region Planning Board: राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र योजना बोर्ड की 42वीं बैठक आयोजित हुई

राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र योजना बोर्ड (एनसीआरपीबी) National Capital Region Planning Board (NCRPB) की 42वीं बैठक नई दिल्ली में आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता केंद्रीय आवासन एवं शहरी कार्य मंत्री मनोहर लाल ने की...

Consumer Khabar: राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र योजना बोर्ड (एनसीआरपीबी) National Capital Region Planning Board (NCRPB) की 42वीं बैठक नई दिल्ली में आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता केंद्रीय आवासन एवं शहरी कार्य मंत्री मनोहर लाल ने की। बैठक में हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी, राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता, राजस्थान के नगरीय विकास मंत्री झाबर सिंह खर्रा, उत्तर प्रदेश के नगरीय विकास मंत्री अरविंद कुमार शर्मा, आवासन एवं शहरी कार्य मंत्रालय तथा सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय के सचिव, राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र के राज्यों के मुख्य सचिव तथा केंद्र सरकार और सहभागी राज्यों के अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

55,083 वर्ग किलोमीटर में फैला है NCR 

राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) का विस्तार 55,083 वर्ग किलोमीटर में फैला है, जिसमें राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली तथा हरियाणा, उत्तर प्रदेश और राजस्थान के 27 जिले शामिल हैं। यह क्षेत्र 230 शहरी बस्तियों और 11,784 गांवों का निवास स्थान है, भारत के सकल घरेलू उत्पाद (GDP) में लगभग 8 प्रतिशत का योगदान देता है तथा विश्व का सबसे बड़ा शहरी समूह (Urban Agglomeration) है।

जनसंख्या लगभग दोगुना होने की कगार पर

यह क्षेत्र अपनी जनसंख्या के लगभग दोगुना होने की दहलीज पर है। वर्तमान में इसकी जनसंख्या 7.86 करोड़ है, जो वर्ष 2041 तक बढ़कर 14.73 करोड़ होने का अनुमान है। अर्थात अगले पंद्रह वर्षों में लगभग 7 करोड़ अतिरिक्त आबादी को समायोजित करना होगा। इस जनसंख्या वृद्धि का अधिकांश भाग शहरी क्षेत्रों, विशेषकर एनसीआर के बड़े शहरों में केंद्रित रहेगा। इस चुनौती का सामना करने तथा इस वृद्धि हेतु सुव्यवस्थित योजना बनाने की दिशा में क्षेत्रीय योजना–2041 (आरपी–2041) एक महत्वपूर्ण कदम है।

क्षेत्रीय योजना–2041 (आरपी–2041) के प्रारूप पर व्यापक स्तर पर परामर्श किया गया है। दिसंबर 2021 में जारी सार्वजनिक सूचना के प्रत्युत्तर में 4,500 से अधिक टिप्पणियां प्राप्त हुईं। वर्ष 2025 तक इस प्रारूप पर राज्यों और केंद्र सरकार के स्तर पर विस्तृत विचार-विमर्श तथा समीक्षा की गई। अद्यतन प्रारूप जनवरी 2026 में सभी चार सहभागी राज्यों के साथ साझा किया गया तथा प्राप्त सुझावों को इसमें समाहित किया गया।

मनोहर लाल ने क्या कहा

बैठक को संबोधित करते हुए राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र योजना बोर्ड (NCRPB) के अध्यक्ष मनोहर लाल ने कहा कि राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र योजना बोर्ड देश में अंतर-राज्यीय एवं अंतर-संस्थागत समन्वय तथा क्षेत्रीय विकास का एक विशिष्ट उदाहरण है। उन्होंने कहा कि आर्थिक रूप से समृद्ध, भविष्य के लिए तैयार तथा नागरिक-केंद्रित अवसंरचना से युक्त राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र के निर्माण के लिए सहकारी, सहयोगात्मक और समन्वित दृष्टिकोण अपनाना आवश्यक है।

बोर्ड ने क्षेत्रीय योजना–2041 (Regional Plan–2041) पर विस्तृत चर्चा की और निम्नलिखित निर्णय लिए

  1. बोर्ड ने राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) की वर्तमान भौगोलिक सीमा को यथावत बनाए रखने तथा इसके मौजूदा क्षेत्रफल में कोई परिवर्तन न करने का निर्णय लिया है।
  2. बोर्ड ने एक ऐसी योजना तैयार करने का निर्णय लिया, जिसके माध्यम से क्षेत्रभर में हरित आवरण बढ़ाने के लिए राज्य सरकारों को उपयुक्त प्रोत्साहन दिया जा सके। इस योजना में नागरिकों और निजी कंपनियों की भागीदारी को भी बढ़ावा दिया जाएगा। साथ ही, ग्रीन कैनोपी क्रेडिट (Green Canopy Credit) जैसे नवोन्मेषी साधनों तथा हस्तांतरणीय एवं विक्रेय विशेष विकास अधिकार (Special Development Rights) जैसे गैर-वित्तीय उपायों के उपयोग को प्रोत्साहित करने का भी निर्णय लिया गया।
  3. राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) की क्षेत्रीय योजना–2041 के अंतर्गत नमो भारत (RRTS) कॉरिडोर के चयनित मौज़ूदा एवं प्रस्तावित स्टेशनों पर चार सेमी-ग्रीनफील्ड नगरों को मिश्रित भूमि उपयोग आधारित ट्रांजिट ओरिएंटेड डेवलपमेंट (TOD) के रूप में विकसित करने का प्रस्ताव है। इन नगरों को Namo City कहा जाएगा तथा सहभागी राज्यों के बीच प्रतिस्पर्धात्मक प्रक्रिया के माध्यम से इनका चयन किया जाएगा। इस योजना के अंतर्गत प्रदर्शन-आधारित प्रोत्साहन के रूप में 5,000 करोड़ रुपये की सहायता प्रदान की जाएगी, जिसमें अनुदान, ऋण तथा गारंटी का मिश्रित प्रावधान होगा। इसमें 1,000 करोड़ रुपये का अनुदान भी शामिल है। एनसीआरपीबी द्वारा उपलब्ध कराई जाने वाली यह वित्तीय सहायता इन विकास केंद्रों (ग्रोथ नोड्स) के विकास को गति प्रदान करने के उद्देश्य से है।
  4. माननीय आवासन एवं शहरी कार्य मंत्री ने यह घोषणा भी की कि केंद्र सरकार की पुरानी बसों एवं ट्रकों के प्रतिस्थापन की योजना का नाम परिवहन जनित वायु प्रदूषण एवं नेटवर्क उत्सर्जन में कमी लाने के लिए वाहन परिसंपत्तियों हेतु त्वरित नवीनीकरण एवं प्रोत्साहन कार्यक्रम (परिवर्तन – PARIVARTAN) होगा। यह योजना एक समयबद्ध फ्लीट आधुनिकीकरण योजना है, जिसका उद्देश्य बीएस-4 तथा उससे पुराने ट्रकों और बसों के स्थान पर बीएस-6, सीएनजी अथवा इलेक्ट्रिक वाहनों (EV) को अपनाने के लिए प्रोत्साहन देकर एनसीआर में वाहनों से होने वाले प्रदूषण को कम करना है।
  5. यह भी निर्णय लिया गया कि बैठक में उठाए गए मुद्दों पर विचार करने तथा प्रशासनिक औपचारिकताएं पूर्ण होने के बाद क्षेत्रीय योजना-2041 (RP-2041) को अधिसूचित किया जाएगा।

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