नौतपा में बढ़ा बीमारियों का खतरा, डॉक्टरों ने दी विशेष सावधानी बरतने की सलाह
तेज गर्मी इंसुलिन के प्रभाव को भी प्रभावित करती है, जिससे मरीजों की स्थिति बिगड़ सकती है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक गर्म मौसम में डायबिटीज मरीजों में डिहाइड्रेशन और शुगर अनियंत्रित होने का खतरा अधिक रहता है...

Consumer Khabar: मई के अंतिम सप्ताह में शुरू हुए नौतपा के साथ ही भीषण गर्मी और तेज धूप का असर लोगों की सेहत पर दिखाई देने लगा है। ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार नौतपा के दौरान सूर्य की स्थिति के कारण तापमान अपने चरम पर पहुंच जाता है। ऐसे में शरीर में पानी की कमी, हीट स्ट्रेस और डिहाइड्रेशन जैसी समस्याएं तेजी से बढ़ने लगती हैं। डॉक्टरों का कहना है कि इस मौसम में पहले से बीमार लोगों को विशेष सतर्कता बरतने की जरूरत है, क्योंकि अधिक गर्मी कई गंभीर बीमारियों के लक्षणों को और बढ़ा सकती है।
विशेषज्ञों के अनुसार डायबिटीज के मरीजों पर गर्मी का असर सबसे अधिक पड़ता है। शरीर में पानी की कमी होने से ब्लड शुगर का स्तर असंतुलित हो सकता है। साथ ही तेज गर्मी इंसुलिन के प्रभाव को भी प्रभावित करती है, जिससे मरीजों की स्थिति बिगड़ सकती है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक गर्म मौसम में डायबिटीज मरीजों में डिहाइड्रेशन और शुगर अनियंत्रित होने का खतरा अधिक रहता है।
किडनी रोगियों के लिए भी नौतपा चुनौतीपूर्ण
सफदरजंग अस्पताल के नेफ्रोलॉजी विभाग के प्रमुख डॉ. हिंमाशु ने बताया कि किडनी रोगियों के लिए भी नौतपा चुनौतीपूर्ण माना जा रहा है। अधिक पसीना निकलने के कारण शरीर में इलेक्ट्रोलाइट्स की कमी हो सकती है, जिससे किडनी पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है। वहीं हार्ट के मरीजों में हीट स्ट्रोक और हीट एग्जॉशन का खतरा बढ़ जाता है। डॉक्टरों के अनुसार तापमान बढ़ने पर शरीर का थर्मोरेगुलेटरी सिस्टम अधिक सक्रिय हो जाता है, जिससे हृदय पर अतिरिक्त दबाव पड़ सकता है। वहीं अस्थमा और फेफड़ों से जुड़ी बीमारियों से पीड़ित लोगों को भी इस मौसम में परेशानी बढ़ सकती है। लगातार गर्म वातावरण में रहने से सांस लेने में दिक्कत और अस्थमा के लक्षण गंभीर हो सकते हैं। इसके अलावा मोटापे से ग्रसित लोगों में हीट स्ट्रोक का खतरा सामान्य लोगों की तुलना में अधिक देखा जाता है।
डॉक्टरों ने लोगों को दिनभर पर्याप्त पानी पीने, दोपहर में बाहर निकलने से बचने, सूती और ढीले कपड़े पहनने तथा तला-भुना भोजन कम खाने की सलाह दी है। विशेषज्ञों का कहना है कि सही दिनचर्या, नियमित दवा और सावधानी बरतकर नौतपा के दौरान स्वास्थ्य संबंधी जोखिमों को काफी हद तक कम किया जा सकता है।




