ईबोला को लेकर केंद्र सतर्क, स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने तैयारियों की समीक्षा की
दुनिया के कई हिस्सों में ईबोला वायरस को लेकर बढ़ती चिंता के बीच केंद्र सरकार ने भारत में निगरानी और रोकथाम संबंधी तैयारियों को और मजबूत करने का फैसला किया है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने सोमवार को स्वास्थ्य मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों...

Consumer Khabar: दुनिया के कई हिस्सों में ईबोला वायरस को लेकर बढ़ती चिंता के बीच केंद्र सरकार ने भारत में निगरानी और रोकथाम संबंधी तैयारियों को और मजबूत करने का फैसला किया है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने सोमवार को स्वास्थ्य मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ उच्चस्तरीय बैठक कर देश में ईबोला से निपटने की तैयारियों की समीक्षा की। बैठक में स्वास्थ्य मंत्री ने देश के सभी पॉइंट ऑफ एंट्री, जिनमें अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे, बंदरगाह और सीमाई प्रवेश बिंदु शामिल हैं, वहां स्क्रीनिंग और निगरानी व्यवस्था को पूरी तरह सतर्क एवं सुदृढ़ बनाए रखने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि किसी भी संभावित खतरे से निपटने के लिए स्वास्थ्य तंत्र को पूरी तरह तैयार रहना चाहिए। स्वास्थ्य मंत्री के निर्देश के बाद स्वास्थ्य सचिव ने विभिन्न मंत्रालयों और संबंधित एजेंसियों के अधिकारियों के साथ संयुक्त समीक्षा बैठक भी की। इसमें अंतरराष्ट्रीय यात्रियों की निगरानी, संदिग्ध मामलों की पहचान और त्वरित प्रतिक्रिया तंत्र को लेकर चर्चा की गई।
भारत में अब तक ईबोला का कोई मामला सामने नहीं
केंद्र सरकार ने स्पष्ट किया है कि भारत में अब तक ईबोला का कोई मामला सामने नहीं आया है। हालांकि, एहतियात के तौर पर निगरानी और स्वास्थ्य सुरक्षा उपायों को मजबूत किया जा रहा है ताकि किसी भी संभावित संक्रमण को समय रहते रोका जा सके। भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) और राष्ट्रीय रोग नियंत्रण केंद्र (एनसीडीसी) को ट्रैकिंग, टेस्टिंग और निगरानी के लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं हर समय तैयार रखने के निर्देश दिए गए हैं। इस बीच विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने ईबोला को ‘पब्लिक हेल्थ इमरजेंसी ऑफ इंटरनेशनल कंसर्न’ (पीएचईआईसी) घोषित किया है, जबकि अफ्रीका सीडीसी ने इसे ‘पब्लिक हेल्थ इमरजेंसी ऑफ कॉन्टिनेंटल सिक्योरिटी’ (पीएचईसीएस) करार दिया है।




