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Air Quality: गाजियाबाद सड़क पुनर्विकास परियोजना सीएक्यूएम के मानक ढांचे के अनुरूप

National Capital Region (NCR) और आसपास के क्षेत्रों में वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) के प्रवर्तन कार्य बल (ETF) की 135वीं बैठक 20 जुलाई 2026 को आयोजित की गई, जिसमें 1 जुलाई 2026 से 13 जुलाई 2026 की रिपोर्टिंग अवधि के लिए राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) में प्रवर्तन कार्रवाइयों, निरीक्षणों और अनुपालन स्थिति की समीक्षा की गई

Consumer khabar: National Capital Region (NCR) और आसपास के क्षेत्रों में वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) के प्रवर्तन कार्य बल (ETF) की 135वीं बैठक 20 जुलाई 2026 को आयोजित की गई, जिसमें 1 जुलाई 2026 से 13 जुलाई 2026 की रिपोर्टिंग अवधि के लिए राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) में प्रवर्तन कार्रवाइयों, निरीक्षणों और अनुपालन स्थिति की समीक्षा की गई। 14 दिनों की अवधि के दौरान, आयोग के फ्लाइंग स्क्वाड (Flying Squad) ने 175 निरीक्षण किए, जिनमें 17 निर्माण और विध्वंस (C & D) स्थल, 90 औद्योगिक इकाइयां और 68 डीजल जनरेटर (DG) सेट से संबंधित निरीक्षण शामिल थे।

रिपोर्ट किए गए उल्लंघनों के आधार पर, एक परियोजना/उद्योग को बंद करने, 19 डीजी सेटों को सील करने, नौ अनुपालन आदेश/निर्देश जारी करने और चार मामलों में पर्यावरण क्षतिपूर्ति (EC) लगाने के प्रस्ताव दिए गए हैं।

ईटीएफ बैठक के निर्णयों पर की गई कार्रवार्द की समीक्षा

प्रवर्तन बल ने 134वीं ईटीएफ बैठक के निर्णयों पर की गई कार्रवाई की समीक्षा भी की और पाया कि औद्योगिक क्षेत्र, निर्माण एवं विकास क्षेत्र और डीजी सेट से संबंधित सभी कार्रवाई योग्य मामलों पर संबंधित एजेंसियों द्वारा कार्रवाई की जा चुकी है। अनुपालन की पुष्टि के बाद कुल 25 पुनः प्राप्ति आदेश जारी किए गए हैं, जिनमें दिल्ली में दो, हरियाणा में 11, उत्तर प्रदेश में 10 और राजस्थान में दो आदेश शामिल हैं।

बैठक में संचयी प्रवर्तन स्थिति की भी समीक्षा की

बैठक में 20 जुलाई 2026 तक की संचयी प्रवर्तन स्थिति की भी समीक्षा की गई। इसमें पाया गया कि आयोग के फ्लाइंग स्क्वाड ने अब तक 27,925 इकाइयों, परियोजनाओं और संस्थाओं का निरीक्षण किया है। इन निरीक्षणों के आधार पर इन्हे बंद करने के 1,803 निर्देश जारी किए गए हैं, जिनमें से अनुपालन के सत्यापन के बाद 1,446 पुनः प्राप्ति आदेश जारी किए गए हैं। इसके अतिरिक्त, 126 मामलों को अंतिम निर्णय के लिए संबंधित राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्डों (एसपीसीबी)/दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति (डीपीसीसी) को स्थानांतरित कर दिया गया है, जबकि 231 संस्थाएं पुनः प्राप्ति आदेश जारी करने के लिए जांच के अधीन हैं।

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आयोग ने सड़क निर्माण एजेंसियों को सभी नियम करने के दिए दिशा-निर्देश

ETF ने आयोग के मानक ढांचे के अनुसार गाजियाबाद नगर निगम (Ghaziabad Municipal Corporation) द्वारा किए गए सड़क पुनर्विकास कार्यों (Road redevelopment works) की स्थिति की समीक्षा की। निरीक्षण में लगभग नौ किलोमीटर में फैले 42 सड़क खंडों को शामिल किया गया, जिनमें 10 मीटर से कम राइट ऑफ वे (ROW) वाली सड़कें भी शामिल थीं। निरीक्षण किए गए सभी सड़क खंडों पर पूर्ण रूप से पक्की सड़क पाई गई, जो मानक ढांचे के पूर्ण अनुपालन को दर्शाती है। आयोग ने इस बात पर जोर दिया कि दिल्ली-एनसीआर में सभी सड़क स्वामित्व एजेंसियों द्वारा मानक ढांचे को अपनाना सड़क धूल की समस्या को दीर्घकालिक रूप से कम करने के लिए आवश्यक है और निर्देश दिया कि सभी चल रहे और भविष्य के सड़क पुनर्विकास कार्य इसके पूर्ण अनुपालन में किए जाएं।

मानदंडों को सख्ती से लागू करने की आवश्यकता पर जोर दिया

आयोग ने प्रवर्तन तंत्र को मजबूत करने, अनुपालन के समय पर सत्यापन को सुनिश्चित करने, कार्यान्वयन एजेंसियों के बीच समन्वय में सुधार करने और एनसीआर में वायु प्रदूषण नियंत्रण के लिए निर्धारित मानदंडों को सख्ती से लागू करने की आवश्यकता पर जोर दिया। इसने औद्योगिक उत्सर्जन, डीजी सेट और नियंत्रण एवं विकास गतिविधियों सहित प्राथमिकता वाले क्षेत्रों में निरीक्षण दक्षता बढ़ाने, जवाबदेही सुनिश्चित करने और प्रवर्तन कार्रवाई में तेजी लाने के महत्व पर भी बल दिया।

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(फोटो साभार-सोशल मीडिया)

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