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Project GIB: बंदी पक्षियों की कुल संख्या 94 हो गई है: भूपेंद्र यादव

Bhupender Yadav ने बताया कि Project Great Indian Bustard (GIB) ने पिछले कुछ दिनों में संरक्षण प्रजनन (Conservation breeding) कार्यक्रम में तीन और चूजों को शामिल किया है, जिससे बंदी प्रजनन के चौथे वर्ष में अब तक पैदा हुए चूजों की कुल संख्या 26 हो गई है...

Consumer Khabar:  Union Minister for Environment, Forest and Climate Change Bhupender Yadav ने बताया कि Project Great Indian Bustard (GIB) ने पिछले कुछ दिनों में संरक्षण प्रजनन (Conservation breeding) कार्यक्रम में तीन और चूजों को शामिल किया है, जिससे बंदी प्रजनन के चौथे वर्ष में अब तक पैदा हुए चूजों की कुल संख्या 26 हो गई है।

 

तीन नए चूजे एक जंगली अंडे और दो बंदी अंडों से निकले

यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर इस जानकारी को साझा करते हुए बताया कि तीन नए चूजे एक जंगली अंडे और दो बंदी अंडों (Infertile eggs) से निकले हैं। उन्होंने कहा कि अब बंदी पक्षियों (Captive birds) की संख्या बढ़कर 94 हो गई है और इस मौसम में और भी चूजों के जन्म की उम्मीद है।

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि जीआईबी के Captive breeding के चौथे वर्ष में अब तक 26 चूजे निकले हैं, जिनमें से 18 कृत्रिम गर्भाधान (artificial insemination) के माध्यम से, चार प्राकृतिक प्रजनन (Natural reproduction) के माध्यम से और चार जंगली अंडों से निकले हैं।

Genetic diversity को बेहतर मकसद

यादव ने आगे कहा कि जंगली अंडों के बदले, राजस्थान में ‘Jumpstart Intervention’ के ज़रिए तीन चूज़े प्राकृतिक माहौल में निकले हैं,  इसका मकसद शुरुआती जेनेटिक विविधता (Genetic diversity) को बेहतर बनाना और शिकार होने के जोखिम को कम करना है।

सफेद कमीज और खाकी पैंट पहने एक व्यक्ति साफ आसमान के नीचे सूखी घास पर घुटने टेककर मौसम के उपकरण की जांच कर रहा है। कृत्रिम बुद्धिमत्ता से उत्पन्न सामग्री गलत हो सकती है।

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