NEET-UG Exam paper leak case: शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने दिया इस्तीफा
NEET-UG परीक्षा पेपर लीक मामले (Exam paper leak cases) को लेकर Jantar-Mantar पर पिछले काफी दिनों से कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अध्यक्ष Abhijeet Dipke के नेतृत्व में हो रहा था। शनिवार को Dharmendra Pradhan के Resignations के साथ ही सीजेपी ने Demonstration खत्म करने का ऐलान कर दिया है। सीजेपी के प्रवक्ता और सरकार के मंत्री की संयुक्त रूप से प्रेस कॉन्फ्रेंस हुई जिसमें सीजेपी द्वारा दी गई सभी मांगों को सरकार ने मान ली है।
Consumer Khabar: NEET-UG परीक्षा पेपर लीक मामले (Exam paper leak cases) को लेकर Jantar-Mantar पर पिछले काफी दिनों से कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अध्यक्ष Abhijeet Dipke के नेतृत्व में हो रहा था। शनिवार को Dharmendra Pradhan के Resignations के साथ ही सीजेपी ने Demonstration खत्म करने का ऐलान कर दिया है। सीजेपी के प्रवक्ता और सरकार के मंत्री की संयुक्त रूप से प्रेस कॉन्फ्रेंस हुई जिसमें सीजेपी द्वारा दी गई सभी मांगों को सरकार ने मान ली है। जिसके बाद धर्मेंद्र प्रधान ने अपना इस्तीफा भी दे दिया। उन्होंने अपना इस्तीफा पत्र प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भेजा है। उन्होंने सोशल मीडिया पर इसकी जानकारी दी और अपने इस्तीफे की वजह भी बताई।
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40 साल से शिक्षा के क्षेत्र में किया काम
धर्मेंद्र प्रधान ने अपनी चिट्ठी में लिखा कि पिछले चार दशक से भी ज्यादा समय से छात्रों, शिक्षकों और शिक्षा सुधार के लिए काम कर रहे हैं। चिट्ठी में लिखा है कि एक अच्छी और सबको साथ लेकर चलने वाली शिक्षा व्यवस्था ही किसी भी देश की तरक्की की नींव होती है।
NEET परीक्षा में क्या हुआ
धर्में द्र प्रधान ने बताया कि 3 मई 2026 को हुई NEET-UG परीक्षा में गड़बड़ी की शिकायतें आने पर सरकार ने तुरंत कदम उठाए। मामले की जांच सीबीआई को दी गई, पुरानी परीक्षा रद्द कर दोबारा परीक्षा कराई गई और आगे से NEET को पूरी तरह कंप्यूटर पर कराने का फैसला लिया गया। 20 लाख से ज्यादा छात्रों की परीक्षा सही तरीके से हो सके, यह उनकी सबसे बड़ी प्राथमिकता थी। इसके लिए केंद्र और राज्य सरकारों, प्रशासन, छात्रों और अभिभावकों की मदद से 21 जून 2026 को फिर से परीक्षा कराई गई। 16 जुलाई को आए नतीजों में गरीब और जरूरतमंद परिवारों के कई काबिल छात्र सफल हुए, लेकिन कुछ जिम्मेदार लोगों ने छात्रों को गुमराह करने की कोशिश की, जिससे उन्हें बहुत दुख हुआ।
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इस वजह से धर्मेंद्र प्रधान ने दिया इस्तीफा
धर्मेंद्र प्रधान ने अपने वक्तव्य में कहा कि पिछले कई दिनों की घटनाओं से मैं बहुत आहत हूं। प्रधान ने बताया कि यह उनकी अपनी इज्जत का मामला नहीं है, बल्कि देश के युवाओं के भविष्य का सवाल है। वे नहीं चाहते कि छात्रों का भविष्य कानूनी और राजनीतिक झगड़ों में फंसे या उनकी पढ़ाई पर असर पड़े। इसी सोच के साथ उन्होंने पद छोड़ने का फैसला लिया।
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