मालवीय नगर अग्निकांड, पांच मंजिला होटल में लगी आग, विदेशी नागरिकों समेत 21 की मौत
दिल्ली मालवीय नगर इलाके में बुधवार सुबह एक रेस्टोरेंट व होटल में लगी भीषण आग में विदेशी नागरिकों समेत 21 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई, जबकि दो दर्जन से अधिक लोग झुलस कर व ऊंचाई से नीचे गिरकर घायल...

Consumer Khabar: दिल्ली मालवीय नगर (Malviya Nagar) इलाके में बुधवार सुबह एक रेस्टोरेंट व होटल में लगी भीषण आग में विदेशी नागरिकों समेत 21 लोगों की दर्दनाक मौत (21 Death) हो गई, जबकि दो दर्जन से अधिक लोग झुलस कर व ऊंचाई से नीचे गिरकर घायल हो गए हैं। घायलों में करीब पांच लोगों की हालत नाजुक बनी हुई है। सूत्रों की मानें तो मृतकों की संख्या बढ़ सकती है। मालवीय नगर थाने में इस बाबत गैर इरादतन हत्या की धाराओं में केस दर्ज कर लिया है। शुरुआती जांच में सामने आया है कि होटल अवैध रूप से चल रहा था। होटल में सिर्फ छह रूम की अनुमति थी, मगर भूतल, ग्राउंड और ऊपर खड़ी पांच मंजिला इस इमारत में अवैध रूप से करीब 25 कमरे बनाकर होटल के रूप में इस्तेमाल किया जा रहा था। नीचे रेस्टोरेंट था। आशंका जताई जा रही है कि रेस्टोरेंट की किचन से ही आग ऊपर की तरफ फैली।
राष्ट्रपति व प्रधानमंत्री ने प्रगट किया दुख
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू (President Droupadi Murmu) ने इस दर्दनाक हादसे पर अपनी संवेदनाएं जाहिर की हैं। उन्होंने घायलों के जल्द ठीक होने की कामना भी की। वहीं, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) ने इस घटना पर दुख प्रकट करते हुए पीड़ित परिजनों के प्रति अपनी गहरी संवेदनाएं व्यक्त की और घायलों के जल्द ठीक होने की कामना की। उन्होंने कहा अधिकारी प्रभावित लोगों को हर संभव मदद दे रहे हैं। पीएम ने प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष से हर मृतक के परिवार वालों को दो लाख रुपये और घायलों को 50 हजार रुपये अनुग्रह राशि देने की घोषणा की। नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने मालवीय नगर अग्निकांड पर दुख जाहिर किया।
गैर इरादतन हत्या का केस दर्ज
डीसीपी (साउथ) अनंत मित्तल ने बताया कि बुधवार की सुबह करीब 8:48 बजे मालवीय नगर के फ्लोरिश स्टे बी एंड बी में आग लगने की सूचना मिली थी। स्थानीय पुलिस स्टाफ व दमकल की टीम तुरंत मौके पर पहुंच गई और बचाव कार्य शुरू कर दिया। आठ फायर टेंडर की मदद से आग को बुझा दिया गया है। पुलिस, फायर सर्विस और दूसरे इमरजेंसी रेस्पॉन्डर्स की मिली-जुली कोशिशों से 40 से ज्यादा लोगों को बचाया गया है और उन्हें इलाज के लिए पास के अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। डीसीपी ने बताया कि इस घटना में अभी तक 21 लोगों की जान चली गई है। मौके पर बचाव और सर्च ऑपरेशन अभी भी जारी है। इस घटना के संबंध में मालवीय नगर थाने में गैर-इरादतन हत्या के तहत मुकदमा दर्ज कर कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है। पुलिस सूत्रों की माने तो बिल्डिंग का मालिक लोकेश बजाज बताया जा रहा है। हादसे के बाद से ही वह फरार है। पुलिस उसकी तलाश में जुटी है। पुलिस होटल के मैनेजर, सुपरवाइजर व स्टाफ की भी लिस्ट तैयार कर रही है। सूत्रों का कहना है कि यह होटल पूरी तरह से अवैध रूप से चल रहा था। होटल को फायर से भी कोई एनओसी नहीं दी गई थी।
होटल नहीं कैद खाना
पुलिस सूत्रों का कहना है कि यह होटल नहीं, बल्कि कैद खाने की तरह था। अंदर आने जाने के लिए एक ही संकरा रास्ता था। खिड़कियां किसी पिंजरे की तरफ फिक्स थीं। अंदर छोटे-छोटे रूम बने हुए थे। होटल में लगभग सभी रूम बुक थे और उनमें ठहरे लोग सो रहे थे। जब तक उनकी आंख खुली आग फैल चुकी थी और बाहर निकलने का रास्ता पूरी तरह बंद हो चुका था। चीख पुकार के बीच आस पास के लोग मदद के लिए पहुंचे। बाहर से सीढ़ी लगाकर खिड़की तोड़ी गईं और नीचे गली में गद्दे डाले दिए। जिसके बाद कुछ लोगों ने दूसरी, तीसरी व चौथी मंजिल से नीचे कूदकर अपनी जान बचाई। हालांकि ऊंचाई से नीचे गिरने के कारण उन्हें चोटें आई हैं। उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है। एक महिला ने भी अपनी मासूम बेटी को गोद में लेकर नीचे छलांग लगाकर जान बचाई।
नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराए 39 लोग
घटनास्थल से कुछ ही दूरी पर स्थित एक निजी मैक्स अस्पताल में 39 लोग भर्ती कराए गए। अस्पताल प्रशासन की तरफ से बताया गया कि इनमें 18 मृत हालत में थे। फिलहाल 15 घायल आईसीयू में है. जिनमे आठ वेंटिलेटर पर है और उनका इलाज चल रहा है। इनमें से ज्यादातर को दम घुटने से चोटें आई हैं। एक मरीज को 25% जला है। उसे सफदरजंग अस्पताल के बर्न वार्ड में रेफर कर दिया है। पाँच मरीजों की हालत स्थिर है। उन्हें मामूली चोटें आई हैं। उन्हें फर्स्ट एड देने के बाद डिस्चार्ज कर दिया गया।




