रॉन्ग साइड ड्राइविंग पर 48 घंटे में 1100 एफआईआर, काटे 12 हजार चालान
दिल्ली की सड़कों पर बेलगाम होती रॉन्ग साइड ड्राइविंग अब सिर्फ ट्रैफिक नियम तोड़ने का मामला नहीं, बल्कि लोगों की जिंदगी से खिलवाड़ बन चुकी है। कुछ मिनट बचाने की जल्दबाजी में वाहन चालक...

Consumer Khabar: दिल्ली की सड़कों पर बेलगाम होती रॉन्ग साइड ड्राइविंग अब सिर्फ ट्रैफिक नियम तोड़ने का मामला नहीं, बल्कि लोगों की जिंदगी से खिलवाड़ बन चुकी है। कुछ मिनट बचाने की जल्दबाजी में वाहन चालक न केवल अपनी जान जोखिम में डाल रहे हैं, बल्कि मासूम राहगीरों और अन्य वाहन चालकों को भी हादसों की आग में झोंक रहे हैं। ऐसे लापरवाह चालकों पर शिकंजा कसते हुए दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने शुक्रवार-शानिवार को पिछले 48 घंटों में बड़ा अभियान चलाकर सख्त कार्रवाई की है। सड़क सुरक्षा और यातायात अनुशासन को लेकर शुरू किए गए इस स्पेशल ड्राइव के तहत 1170 एफआईआर दर्ज की गईं, 12,568 चालान काटे गए और 1179 वाहनों को जब्त किया गया। दिल्ली ट्रैफिक पुलिस का यह अभियान साफ संदेश देता है कि अब सड़क पर लापरवाही नहीं, जिम्मेदारी चलेगी।
एडिशनल सीपी ट्रैफिक विजयंता आर्या ने बताया कि रॉन्ग साइड ड्राइविंग के खिलाफ दिल्ली ट्रैफिक पुलिस लगातार अभियान चला रही है। उन्होंने कहा कि यह लापरवाही गंभीर सड़क हादसों का बड़ा कारण बनती है, इसलिए नियम तोड़ने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। वहीं, सेंट्रल रेंज ट्रैफिक डीसीपी निशांत गुप्ता ने कहा कि रॉन्ग साइड ड्राइविंग जानलेवा साबित हो रही है। इसे रोकने के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है।
उन्होंने लोगों से अपील की कि कुछ मिनट बचाने के लिए अपनी और दूसरों की जिंदगी खतरे में न डालें तथा ट्रैफिक नियमों का पालन करें। वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के अनुसार एसीपी रविंद्र पंडित की देखरेख में नजफगढ़ सर्कल के ट्रैफिक इंस्पेक्टर सुशील कुमार की टीम ने 30 एफआईआर दर्ज कीं। वहीं एसीपी संजय सिंह के निर्देशन में करोल बाग सर्कल के ट्रैफिक इंस्पेक्टर राम सिंह की टीम ने 18 एफआईआर दर्ज कर कार्रवाई की।
दिल्ली ट्रैफिक पुलिस के अनुसार शुक्रवार और शनिवार को राजधानी की प्रमुख सड़कों, राष्ट्रीय राजमार्गों, व्यस्त चौराहों, संवेदनशील इलाकों और दुर्घटना संभावित स्थानों पर विशेष जांच अभियान चलाया गया। इस दौरान रॉन्ग साइड ड्राइविंग करते पाए गए वाहन चालकों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की गई। कई मामलों में एफआईआर दर्ज कर वाहनों को भी जब्त किया गया।




