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दिल्ली में एसआईआर की घंटी बजी, जानिए कब से शुरू होगा अभियान

दिल्ली के मुख्य निर्वाचन अधिकारी अशोक कुमार ने बुधवार को प्रेस वार्ता में कहा कि पूरी प्रक्रिया को पारदर्शी और व्यवस्थित तरीके से पूरा किया जाएगा तथा अंतिम मतदाता सूची 7 अक्टूबर 2026 को जारी की जाएगी...

Consumer Khabar:  राजधानी दिल्ली में मतदाता सूची (Voter List) के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) अभियान की शुरुआत 30 जून से होने जा रही है। इस अभियान के तहत बूथ लेवल अधिकारी (BLO) घर-घर जाकर मतदाताओं का सत्यापन करेंगे। दिल्ली के मुख्य निर्वाचन अधिकारी अशोक कुमार ने प्रेस वार्ता में कहा कि पूरी प्रक्रिया को पारदर्शी और व्यवस्थित तरीके से पूरा किया जाएगा तथा अंतिम मतदाता सूची 7 अक्टूबर 2026 को जारी की जाएगी। उन्होंने बताया कि इस विशेष अभियान का मुख्य उद्देश्य वर्ष 2025 की मतदाता सूची का वर्ष 2002 के डाटा से मिलान करना है।

मतदाताओं की मैपिंग पूरी

निर्वाचन विभाग के अनुसार 26 मई 2026 तक कुल 1,46,82,523 मतदाताओं में से 62,44,045 मतदाताओं की मैपिंग पूरी की जा चुकी है, जो करीब 42.53 प्रतिशत है। विभाग का मानना है कि इस प्रक्रिया से मतदाता सूची को अधिक शुद्ध और अद्यतन बनाया जा सकेगा। पुनरीक्षण प्रक्रिया के दौरान बीएलओ प्रत्येक मतदाता को ‘एन्यूमरेशन फॉर्म’ उपलब्ध कराएंगे। यह फॉर्म दो प्रतियों में होगा, जिसमें से एक प्रति भरकर मतदाता को बीएलओ को लौटानी होगी। यदि किसी घर पर ताला मिलता है या कोई व्यक्ति नहीं मिलता, तो बीएलओ फॉर्म वहीं छोड़ेंगे और जानकारी जुटाने के लिए कम से कम तीन बार उस पते पर जाएंगे। निर्वाचन विभाग ने इस बार ऑनलाइन फॉर्म भरने की सुविधा भी शुरू की है, ताकि लोगों को किसी प्रकार की परेशानी न हो।

13 हजार से अधिक बीएलओ संभालेंगे एसआईआर अभियान
निर्वाचन विभाग (Election Department) ने कहा कि कि फॉर्म के साथ किसी दस्तावेज को जमा करने की आवश्यकता नहीं होगी। यदि किसी मतदाता का नाम वर्तमान सूची में नहीं मिलता, लेकिन उसके माता-पिता या दादा-दादी का नाम वर्ष 2002 की सूची में दर्ज है, तो वह रिश्तेदारों का विवरण देकर अपनी पात्रता सिद्ध कर सकेगा। सीईओ कार्यालय के अनुसार यदि किसी मतदाता का फॉर्म वापस नहीं मिलता है, तो बीएलओ पड़ोसियों से पूछताछ कर यह पता लगाएंगे कि संबंधित व्यक्ति अनुपस्थित, स्थानांतरित, मृत, डुप्लीकेट या विदेशी नागरिक तो नहीं है। सत्यापन के आधार पर मतदाता सूची से नाम हटाने की कार्रवाई की जाएगी।

मतदान केंद्रों का पुनर्गठन करने का लिया निर्णय

मतदान प्रक्रिया को अधिक सुगम बनाने के लिए निर्वाचन आयोग ने मतदान केंद्रों का पुनर्गठन करने का निर्णय लिया है। अब एक बूथ पर अधिकतम 1500 की जगह 1200 मतदाता ही होंगे। इससे मतदान केंद्रों पर भीड़ कम होगी और मतदान प्रक्रिया तेज होगी। अभियान को सफल बनाने के लिए 13,033 बीएलओ और 29,758 बूथ लेवल एजेंट तैनात किए जाएंगे।

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