40 करोड़ की साइबर ठगी, 89 ठग तीन साल के लिए तिहाड़ रवाना
वेस्ट डिस्ट्रिक्ट की साइबर थाना पुलिस ने देशभर में तेजी से बढ़ रहे डिजिटल अरेस्ट, फेक इन्वेस्टमेंट, एपीके स्कैम और फेक डेटिंग फ्रॉड जैसे साइबर अपराधों के खिलाफ...

Consumer Khabar: वेस्ट डिस्ट्रिक्ट की साइबर थाना पुलिस ने देशभर में तेजी से बढ़ रहे डिजिटल अरेस्ट, फेक इन्वेस्टमेंट, एपीके स्कैम और फेक डेटिंग फ्रॉड जैसे साइबर अपराधों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए करीब 40 करोड़ रुपये की साइबर ठगी का खुलासा किया है। पुलिस ने इस मामले में 89 साइबर ठगों को गिरफ्तार कर तीन साल के लिए तिहाड़ जेल पहुंचाया है।
डीसीपी वेस्ट दरादे शरद भास्कर ने बताया कि एसीपी (ऑपरेशन) विजय सिंह की देखरेख में साइबर एसएचओ विकास कुमार बुलडक के नेतृत्व में गठित टीम ने झारखंड, पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, गुजरात और दिल्ली समेत सात राज्यों में लगातार छापेमारी कर इस बड़े संगठित साइबर नेटवर्क का पर्दाफाश किया। कार्रवाई में सब इंस्पेक्टर हरिओम, अमित, योगेश, प्रवीण, हेड कांस्टेबल पवन और संजीत की टीम ने अहम भूमिका निभाई। वरिष्ठ पुलिस अधिकारी के अनुसार, साइबर ठगी के आरोपियों को दो से तीन साल तक की सजा दी जाती है।
आरोपी खुद को बताता था सरकारी एजेंसी का अधिकारी
जांच में सामने आया कि आरोपी खुद को पुलिस, सीबीआई या सरकारी एजेंसी का अधिकारी बताकर लोगों को “डिजिटल अरेस्ट” का डर दिखाते थे। वहीं कुछ आरोपी फर्जी निवेश ऐप, एपीके फाइल और सोशल मीडिया पर फेक प्रोफाइल के जरिए लोगों को जाल में फंसाकर बैंक खातों से रकम उड़ाते थे।
कई मामलों में भोले-भाले लोगों के बैंक खातों को म्यूल अकाउंट बनाकर करोड़ों रुपये ट्रांसफर किए गए। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 14.18 लाख रुपये नकद, 359 सिम कार्ड, 218 एटीएम कार्ड और 88 मोबाइल फोन बरामद किए हैं। समय रहते कार्रवाई कर 1.11 करोड़ रुपये की रकम बचाई गई, जबकि 51.95 लाख रुपये पीड़ितों को वापस लौटाए गए। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि किसी भी अनजान कॉल, वीडियो कॉल, निवेश लिंक या धमकी से घबराएं नहीं और तुरंत साइबर हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत करें।
4.5 करोड़ की साइबर ठगी में एमबीए, एमटेक पास आठ ठग दबोचे
साउथ-वेस्ट डिस्ट्रिक्ट की साइबर थाना पुलिस ने ऑनलाइन स्टॉक मार्केट इन्वेस्टमेंट के नाम पर करोड़ों की ठगी करने वाले इंटर स्टेट साइबर फ्रॉड सिंडिकेट का पर्दाफाश करते हुए आठ आरोपियों को गिरफ्तार किया है। हैरानी की बात यह है कि गिरफ्तार आरोपियों में बीटेक, एमबीए और साइबर सिक्योरिटी डिप्लोमा धारक युवक भी शामिल हैं।
जांच में सामने आया कि इस गिरोह के तार कंबोडिया में बैठे विदेशी साइबर ऑपरेटर्स से जुड़े हुए हैं, जो व्हाट्सएप नंबरों के जरिए भारत में लोगों को फर्जी निवेश स्कीम में फंसाते थे। साथ ही इन खातों से महज 14 दिनों में करीब 4.5 करोड़ रुपये का लेनदेन हुआ और 60 से ज्यादा एनसीआरपी शिकायत इनसे जुड़ी हुई हैं। वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि आरोपियों को इंस्पेक्टर प्रवेश कौशिक के नेतृत्व में सब इंस्पेक्टर चेतन राणा, राजेश, हेड कांस्टेबल मनेंंद्र, विजयपाल, दशरथ, पुनीत टीम ने पकड़ा है।
डीसीपी अमित गोयल ने बताया कि शिकायतकर्ता को व्हाट्सएप ग्रुप में जोड़कर फर्जी मुनाफे के स्क्रीनशॉट दिखाए गए और ऑनलाइन ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म पर निवेश के लिए प्रेरित किया गया। झांसे में आकर पीड़ित ने करीब 24 लाख रुपये अलग-अलग बैंक खातों में ट्रांसफर कर दिए। बाद में मुनाफा निकालने के नाम पर और रकम मांगी गई, जिसके बाद ठगी का खुलासा हुआ।




