एकतरफा प्यार में दर्ज कराया रेप का केस, लव जिहाद का आरोप भी कोर्ट ने किया खारिज
दिल्ली की कड़कड़डूमा कोर्ट ने रेप के एक मामले में आरोपी को बरी कर दिया है। इस मामले में साल 2018 में वेलकम थाने में एफआईआर दर्ज की गई थी। पीड़िता ने अपनी शिकायत में कहा...

Consumer Khabar: दिल्ली की कड़कड़डूमा कोर्ट ने रेप के एक मामले में आरोपी को बरी कर दिया है। इस मामले में साल 2018 में वेलकम थाने में एफआईआर दर्ज की गई थी। पीड़िता ने अपनी शिकायत में कहा था कि आरोपी ने अपना नाम बदलकर पहले तो उसके साथ दोस्ती की और फिर उसे नशीली कोल्ड्र ड्रिंक पिलाकर उसके साथ एक होटल में रेप किया। यही नहीं उसने आरोप लगाया था कि आरोपी ने उसकी अश्लील फोटो व विडियो भी बनाए थे और उसे ब्लैकमेल कर रहा था।
युवती ने लगाया था लव जिहाद का आरोप
इस मामले में वेलकम थाने में दर्ज कराई गई अपनी शिकायत में पीड़िता ने कहा था कि आरोपी उसके साथ आईटीआई की पढ़ाई कर रहा था और उसने अपना नाम सागर ठाकुर बताता था लेकिन बाद में पता चला कि उसका नाम सद्दाम हुसैन है। लेकिन जब उसे पता चला कि आरोपी दूसरे धर्म से है और शादीशुदा भी है तो उसने उससे सारे रिश्ते तोड़ लिए थे लेकिन फिर भी वह शादी के लिए उस पर दबाव बना रहा था। पीड़िता ने अपनी शिकायत में कहा था आरोपी एक बार अपनी पत्नी के साथ उसके घर आया था और चाकू की नोंक पर उससे 35000 रुपए भी छीन लिए थे।
साथ ही उसकी फोटो सोशल मीडिया पर अपलोड करने की धमकी देकर उसे गाजियाबाद के एक होटल में बुलाया, जहां नशीला ड्रिंक पिलाकर आरोपी ने उसके साथ रेप किया और उसका वीडियो भी बना लिया। यही नहीं आरोपी उसके अश्लील वीडियो वायरल करने की धमकी देकर उस पर धर्म परिवर्तन करने व 10 लाख रुपए देने का भी दबाव बना रहा था।
शादी के लिए दबाब बनाने के लिए दर्ज कराया केस
इस मामले में आरोपी की ओर से कोर्ट में पेश अधिवक्ता मनीष भदौरिया ने कहा कि यह पूरा मामला एकतरफा प्यार का है। उन्होंने कहा कि दरअसल, पीड़िता आरोपी के साथ एकतरफा प्यार करती थी और उससे शादी करना चाहती थी लेकिन आरोपी ने अपने धर्म व शादीशुदा होने का हवाला देकर उससे शादी करने से इनकार कर दिया था। जिसके बाद दबाव बनाने के लिए रेप का केस दर्ज कराया गया। अधिवक्ता मनीष भदौरिया ने कोर्ट को बताया कि पीड़िता लगातार आरोपी को फोन करती थी और उसे मैसेज भेजती थी। यही नहीं उसने दबाव बनाने के लिए आरोपी के खिलाफ शिकायत भी दर्ज कराई थी लेकिन बाद में पुलिस जांच में वह शिकायत फर्जी पाई गई थी।




