सेंट स्टीफंस भर्ती विवाद पर डीयू की ‘ईसी’ सख्त
दिल्ली विश्वविद्यालय (डीयू) की कार्यकारी परिषद (ईसी) की बैठक बुधवार को कुलपति प्रो. योगेश सिंह की अध्यक्षता में आयोजित...

Consumer Khabar: दिल्ली विश्वविद्यालय (डीयू) की कार्यकारी परिषद (ईसी) की बैठक बुधवार को कुलपति प्रो. योगेश सिंह की अध्यक्षता में आयोजित हुई, जिसमें कई महत्वपूर्ण शैक्षणिक और प्रशासनिक फैसले लिए गए। बैठक में सेंट स्टीफंस कॉलेज द्वारा असिस्टेंट प्रोफेसरों की सीधी भर्ती प्रक्रिया में शॉर्टलिस्टिंग मानदंड के उल्लंघन पर गंभीर संज्ञान लिया गया।
बैठक के दौरान सदस्यों द्वारा बताया गया कि कॉलेज द्वारा प्रत्येक अनारक्षित रिक्ति के लिए 70 उम्मीदवारों को शॉर्टलिस्ट करने के मानदंड का पालन किया जा रहा है। डीयू की अकादमिक परिषद (एसी) और कार्यकारी परिषद (ईसी) ने असिस्टेंट प्रोफेसर के पद के लिए इंटरव्यू के लिए उम्मीदवारों की शॉर्टलिस्टिंग के लिए एक मानदंड पारित किया हुआ है। इस मानदंड के अनुसार प्रत्येक रिक्ति के लिए 40 उम्मीदवारों को और बाद की रिक्तियों के लिए 20 उम्मीदवारों को शॉर्टलिस्ट किया जाना होता है। इस मुद्दे की जांच के लिए ईसी द्वारा गठित कमेटी में ईसी में कुलाधिपति के नामित सदस्य प्रो. इंदर मोहन कपाही अध्यक्ष होंगे। उनके साथ ईसी सदस्य अमन कुमार, ईसी सदस्य डॉ. मोनिका अरोड़ा, ईसी सदस्य डॉ. एलएस चौधरी सदस्य होंगे और संयुक्त रजिस्ट्रार (कॉलेज) कमेटी के सचिव बनाए गए हैं।
बैठक में मौरिस नगर स्थित इंस्टीट्यूट ऑफ नैनो मेडिकल साइंसेज के लिए 174.20 करोड़ रुपये की लागत से नए भवन निर्माण को सैद्धांतिक मंजूरी दी गई। विस्तृत परियोजना रिपोर्ट तैयार करने की जिम्मेदारी सीपीडब्ल्यूडी को सौंपी गई है। इसके अलावा ढाका कॉम्प्लेक्स में छात्रावास निर्माण के संशोधित अनुमान और दिल्ली स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स में शैक्षणिक ब्लॉकों के निर्माण प्रस्ताव को भी स्वीकृति मिली।
ईसी ने यूजीसीएफ-2022 के तहत विदेशी विश्वविद्यालयों के साथ ‘सेमेस्टर अवे प्रोग्राम’ शुरू करने के प्रस्ताव पर भी समिति गठित की। इस योजना के अंतर्गत विद्यार्थी एक सेमेस्टर विदेश में अध्ययन कर अर्जित क्रेडिट को अपनी डिग्री में जोड़ सकेंगे।
शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए कॉलेजों को बीए प्रोग्राम संयोजनों की समीक्षा कर खाली सीटों वाले विषयों का पुनर्संरेखण करने की अनुमति दी गई, हालांकि कोई मौजूदा कोर्स बंद नहीं किया जाएगा। साथ ही ‘बौद्ध अध्ययन में उन्नत अध्ययन केंद्र’ स्थापित करने का निर्णय भी लिया गया।
ईसी ने विद्यार्थियों को स्वम (एसडब्ल्यूएवाईएएम) और अन्य स्वीकृत ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के माध्यम से कुल पाठ्यक्रम क्रेडिट का 5 फीसदी तक अर्जित करने की सुविधा को भी मंजूरी प्रदान की। बैठक में अकादमिक परिषद की सिफारिशों तथा नए पाठ्यक्रमों को भी अंतिम स्वीकृति दी गई।




