राहुल गांधी ने NEET पेपर लीक मामले में शिक्षा मंत्री प्रधान को बर्खास्त करने की मांग की
लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने शनिवार को एक वीडियो बयान में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को 'पद से हटाने' की मांग की और आरोप लगाया कि विश्वविद्यालयों में RSS-BJP का 'गठजोड़' 'पैसे कमा रहा है'...

Consumer Khabar: लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने शनिवार को एक वीडियो बयान में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को ‘पद से हटाने’ की मांग की और आरोप लगाया कि विश्वविद्यालयों में RSS-BJP का ‘गठजोड़’ ‘पैसे कमा रहा है’ और देश के शिक्षा क्षेत्र को “खत्म कर रहा है। राहुल ने यह भी कहा कि अगर प्रधान को पद से नहीं हटाया जाता है, तो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को खुद पेपर लीक की जिम्मेदारी लेनी चाहिए।
पेपर लीक होने के बाद NEET-UG 2026 परीक्षा रद्द कर दी गई थी, और अब 21 जून को दोबारा परीक्षा होनी है। अब तक दिल्ली, जयपुर, गुड़गांव, नासिक, पुणे और अहिल्यानगर से नौ आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। इनमें से पांच को पहले ही सात दिनों की पुलिस हिरासत में भेज दिया गया है। पहले गिरफ्तार किए गए दो आरोपियों को पुणे की एक अदालत में पेश किया गया, उन्हें ट्रांजिट रिमांड मिली और उन्हें दिल्ली भेज दिया गया, जहां उन्हें अदालत के सामने पेश किया जा रहा है।
सोशल मीडिया एक्स पर एक पोस्ट में गांधी ने कहा कि 22 लाख NEET छात्रों के साथ धोखा हुआ है। लेकिन मोदी जी इस पर एक शब्द भी नहीं बोल रहे हैं। धर्मेंद्र प्रधान जी को अभी हटाएं, या खुद इसकी ज़िम्मेदारी लें। मोदी जी, धर्मेंद्र प्रधान जी को अभी बर्खास्त करें।
पोस्ट के साथ एक वीडियो बयान में राहुल ने कहा कि पूरा देश जानता है कि परीक्षा से दो दिन पहले NEET का प्रश्न पत्र बांट दिया गया था। धर्मेंद्र प्रधान, जो केंद्रीय शिक्षा मंत्री हैं, कहते हैं कि उनका इससे कोई लेना-देना नहीं है। एक समिति ने कुछ सिफ़ारिशें की थीं, लेकिन उन्होंने कहा कि समिति में विपक्ष के लोग बैठे थे और इसका कोई मतलब नहीं है।
राहुल का इशारा उस संसदीय समिति की ओर था, जिसकी अध्यक्षता राज्यसभा सांसद और कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह कर रहे थे। इस समिति ने पिछले साल दिसंबर में अपनी एक रिपोर्ट में कहा था कि नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने लोगों में ज़्यादा भरोसा नहीं जगाया है। समिति ने सुझाव दिया था कि NTA को जल्द से जल्द अपनी कार्यप्रणाली में सुधार करना चाहिए और पिछले छह सालों में जमा हुए 448 करोड़ रुपये के अतिरिक्त फंड का इस्तेमाल अपनी क्षमताओं को बढ़ाने और खुद ही परीक्षाएं आयोजित करने के लिए करना चाहिए।
राहुल ने आरोप लगाया कि असलियत तो यह है कि सरकार ने भारत की बुनियाद को ही नुकसान पहुंचाया है। उन्होंने कहा कि यह RSS-BJP और विश्वविद्यालयों में वाइस-चांसलर (V-C) तथा प्रोफेसर के पदों पर बैठे उनके लोगों का एक गठजोड़ है। यह पैसा कमाने का एक नेक्सस (गठजोड़) है और इस नेक्सस ने देश के शिक्षा क्षेत्र को पूरी तरह से बर्बाद कर दिया है। पूरा देश जानता है कि अगर किसी को V-C बनना है, तो उसे विषय का ज्ञान या अनुभव होने की कोई ज़रूरत नहीं है। अगर आप RSS से जुड़े हैं, तो आप V-C बन सकते हैं, लेकिन अगर आप RSS से नहीं हैं, तो आप V-C नहीं बन सकते। प्रधानमंत्री को तुरंत आदेश जारी करके धर्मेंद्र प्रधान को पद से हटा देना चाहिए और जो भी दोषी हैं, उन्हें गिरफ्तार किया जाना चाहिए।
राहुल ने कई मौकों पर यह आरोप लगाया है कि RSS से जुड़े लोगों को बिना किसी योग्यता (मेरिट) के ही पूरे भारत के विश्वविद्यालयों में वाइस-चांसलर और प्रोफेसर के पदों पर नियुक्त किया गया है।




