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12 वर्षों में खादी और ग्रामोद्योग क्षेत्र ने रचा नया इतिहास

नई दिल्ली स्थित गांधी दर्शन, राजघाट कार्यालय में वित्त वर्ष 2025-26 के अंतरिम आंकड़े जारी करते हुए केवीआईसी अध्यक्ष मनोज कुमार ने बताया कि वर्ष 2013-14 की तुलना में पिछले 12 वर्षों में बिक्री में 501 प्रतिशत, उत्पादन में 380 प्रतिशत और रोजगार सृजन में 56 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज...

Consumer Khabar:  स्वदेशी खादी (Indigenous Khadi) उत्पादों के प्रति लोगो का रूझान बढ़ रहा है। वित्त वर्ष 2025-26 में खादी और ग्रामोद्योग उत्पादों की बिक्री 1,87,105 करोड़ रुपये के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई है। यह उपलब्धि ग्रामीण भारत में बढ़ती उद्यमशीलता, आत्मनिर्भरता और आर्थिक सशक्तिकरण का प्रतीक मानी जा रही है। नई दिल्ली स्थित गांधी दर्शन, राजघाट कार्यालय में वित्त वर्ष 2025-26 के अंतरिम आंकड़े जारी करते हुए केवीआईसी अध्यक्ष मनोज कुमार ने बताया कि वर्ष 2013-14 की तुलना में पिछले 12 वर्षों में बिक्री में 501 प्रतिशत, उत्पादन में 380 प्रतिशत और रोजगार सृजन में 56 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है। उन्होंने कहा कि ‘आत्मनिर्भर भारत’, ‘वोकल फॉर लोकल’ और ‘लोकल टू ग्लोबल’ जैसे अभियानों ने खादी को नई पहचान दी है।

बिक्री 1.87 लाख करोड़ रुपये के पार

केवीआईसी (KVIC) के अनुसार वर्ष 2013-14 में खादी और ग्रामोद्योग उत्पादों का उत्पादन 26,109 करोड़ रुपये था, जो 2025-26 में बढ़कर 1,25,296 करोड़ रुपये तक पहुंच गया। वहीं बिक्री 31,154 करोड़ रुपये से बढ़कर 1,87,105 करोड़ रुपये हो गई। खादी वस्त्रों की बिक्री भी 1,081 करोड़ रुपये से बढ़कर 7,869 करोड़ रुपये तक पहुंची है।

पिछले एक वर्ष में 2.04 करोड़ लोगों को मिला रोजगार
मनोज कुमार ने बताया कि रोजगार के क्षेत्र में भी बड़ी उपलब्धि हासिल हुई है। वर्ष 2013-14 में जहां 1.30 करोड़ लोगों को रोजगार मिला था, वहीं 2025-26 में यह आंकड़ा बढ़कर 2.04 करोड़ तक पहुंच गया। प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम (पीएमईजीपी) के तहत इस वर्ष 66,494 नई इकाइयां स्थापित की गईं, जिनसे 7.31 लाख लोगों को रोजगार मिला। महिला सशक्तिकरण में भी केवीआईसी की भूमिका अहम रही। प्रशिक्षण कार्यक्रमों में 59 प्रतिशत भागीदारी महिलाओं की रही, जबकि पीएमईजीपी के तहत 28,180 महिला उद्यमियों ने नई इकाइयां स्थापित कीं। इसके साथ ही कारीगरों के पारिश्रमिक में भी 275 प्रतिशत तक की वृद्धि दर्ज की गई है।

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